Thursday, 11 June 2015

भारत को ज़रूरत है आपकी!

इंडिया.....
इंडिया......
आजतक इस तरह हर एक भारतीय ने इंडिया का उत्साह बढ़ाया है, चाहे वो भारत में रह कर टी.वी या स्टेडियम में बैठ कर करे .....या कहीं किसी और देश की ज़मीन से जुड़ कर करे....ये तरीका जो लोग अपनाते है,वो ज़्यादातर क्रिकेट में ही देखने को मिलता है । जैसे और कोई खेल तो इस देश में होता ही नही है। अब ये आपकी मर्ज़ी है ,जिस खेल को चाहे बढ़ावा दे ! उत्साह प्रदान करे.....पर इतनी बड़ी आबादी और सिर्फ एक  खेल !......बड़ी नाइंसाफी है जनाब।क्रिकेट तो पुरे दिन का खेल है फिर भी हर क्रिकेट प्रेमी जो हिंदुस्तानी हो कर भी अपने आपको एक दिन के लिए फ्री कर देता है। अच्छी बात है....ये तो अपनी-अपनी पसंद है..पर भइया फुटबॉल से क्या दुश्मनी है....डेढ़ घंटे का ये खेल ,हर मिनट रोमांच से भरा,पुरे समय खिलाडी पसीना बहाते है। धुप में मेहनत करते है .....किस लिए?....आपके लिए।
'पर हमारी टीम फीफा में खेलती कहा है'
बिलकुल सही... खेलेगी भी कैसे....आपने कभी उनका उत्साह भी तो नही बढ़ाया .....कभी एक बार भी उनका कोई मैच देखा है?......अच्छा यही बता दीजिये की फीफा में इंडिया की रैंकिंग कितनी है?.... नही पता न। तो फिर आज से और अभी से दिन में क्रिकेट और रात 7:30  बजे से फुटबॉल मैच देखिये.....आपकी टीम को ज़रूरत है आपकी....आपके सपोर्ट की...।शायद अब तभी हमारी टीम फीफा में क्वालीफाई कर पाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दू अभी हाल ही में हमारी फुटबॉल टीम 6 स्थानों की छलांग लगा कर फीफा में 147 से 141 पर काबिज़ हो गई है,रही बात टीम के क्वालीफाई करने की तो एशियाई क्वालीफ़ायर शुरू हो गए है जिसके 2 मैच बेंगलुरु में खेले जाने है ....ये आपके समक्ष पूरा फॉर्मेट....
11-06-2015= india v/s oman
16-06-2015= guam v/s india
08-09-2015= india v/s iran
08-10-2015= india v/s Turkmenistan
13-10-2015= oman v/s india
12-11-2015= india v/s Guam
24-03-2016= iran v/s india
29-03-2016= india v/s Turkmenistan
आपके लिए अबकी बार आपकी फुटबॉल टीम (मैन इन ब्लू) ने बंगलुरु जा कर आर्मी से ट्रेनिंग ली है ,जैसे सोल्डिर्स को मिलती है। मैन इन ब्लू के कोच स्टेफेन कंस्ट्रैंटिं ने आर्मी का आभार व्यक्त कर इसको टीम की अब तक की सबसे बड़ी मदद करार दिया है, क्योकि फुटबॉल एक टीम स्पोर्ट है और इस ट्रेनिंग में इन खिलाडीयो को साथ में खेलना सीखाया गया है.....अगर सब कुछ सही रहा तो अबकी बार एशिया से इंडिया ही क्वालीफाई करेगी ......फिर कॉन्फ़ेडरेशन कप खेलकर हमको रूस 2018 फीफा वर्ल्डकप का टिकट मिल जाएगा .....और ये सब होगा सिर्फ आपके सपोर्ट से....तो समय निकालिये अपने समय से क्योंकि 'भारत को आपकी ज़रूरत है'
हमारी टीम  हर हिसाब से काबिल है फीफा के लिए तब ही तो 1950 में इंडिया एशिया से क्वालीफाई कर भी गई थी लेकिन कुछ राजनेतिक कारणों के चलते फीफा को ये कह कर मना कर दिया गया की हमारी टीम के पास जूते नही है और हमारे पास पैसे भी नही है....ये तक फीफा से कह दिया की हमे आपसे आगे बढ़कर ओलंपिक्स में ध्यान देना है । सोचिये अगर तब ऐसा न हुआ होता तो आज इंडिया न जाने कितनी बार फीफा में क्वालीफाई कर चूका होता....तो अबकी बार जूते भी है और समय भी। पुरे जोश के साथ टीम का उत्साह बढाइये फिर वो दिन दूर नही जब हम फीफा की ट्रॉफी घर लेकर आ जाएंगे....

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