बिंदास, बेबाख़ और सरलता से परिपूर्ण कुसुम शास्त्री सहनशील और खुद पर निर्भर रहने वालो में से एक है ।..., इन्हें अपनी ज़िन्दगी में अपने माँ-बाप और बचपन के दोस्तों पे पूरा भरोसा है । पेश है इनसे बात-चीत के कुछ अंश।
बचपन से आज तक कितने नामो से जानी गई है आप ?
मेरे वैसे तो बहुत नाम रहे है । प्यार से लोग मेरे कई नाम रख चुके है। पर फिलहाल तीन है कुसुम, ख़ुशी और कुक्कु(ये मेरे दोस्तों ने रखा है)
आपका घर कहा है ?
सोनभद्र
लखनऊ में दीदी-जीजा जी रहते है पर में पि.जी में रहती हु।
लखनऊ के बारे में आपका क्या ख़याल है?
ये काफी शांतिपूर्ण जगह है पर मेरे घर सोनभद्र जितना नही यहाँ का खाना मुझे पसंद है । मेंने टुंडे के कवाब खाए है और मुझे पसंद भी आए है ।
आपकी सेहत का राज़ क्या है?
में फूडी हु । इससे ज़्यादा और कुछ नही ।
खाना बनाने में आपकी कोई खासियत?
हाँ बिलकुल लोग कहते है "आई एम आ गुड कूक"
मास कॉम्युनिकेशन जैसे कोर्स का चुनाव क्यों किया ?
स्क्रिप्ट राइटिंग एक कारण है ।पहले में रोज़ डायरी लिखती थी अपनी दिनचर्या पर अब टाइम नही मिलता है तो जो भी बात दिमाग में आती है उसे अपने दिन का पंद्रह मिनट दे देती हु । अब ज़्यादातर कविताए लिखती हु । इसके इलावा अब advertisement और पि.आर की फील्ड भी अच्छी लग रही है।
अभी आपने स्वाइन-फ्लू पे नुक्कड़ नाटक किया था ,इससे पहले आपने कोई प्ले किया है या कोई रुझान रहा है?
रुझान पहले से नहीं है पर अब धीरे-धीरे आ रहा है । स्कूल के समय मैंने आशाए( ओटिस्टिक्स) पे प्ले किया था और साक्षर में (डब्बा ब्रेन) पर भी कर चुकी हु।
लखनऊ विश्वविद्यालय से डिग्री लेने का निर्णय सही लगता है या गलत ?
मास कॉम्युनिकेशन में आपके अन्दर टैलेंट ज़रूरी होता है डिग्री नही । किसी भी बड़े कॉलेज से मास कॉम का कोई फायदा नही अगर टैलेंट नही है ।
इस बदनाम यूनिवर्सिटी के किस्से सुनने के बावजूद यहाँ आने का होसला कैसे आया?
ज़िन्दगी में मैंने कभी कही सुनी बातो पे भरोसा नही किया ....खुद समझा और फैसला किया
मास कॉम्युनिकेशन डिपार्टमेंट से कोई शिकायत ?
प्रक्टिकल कम होते है यहाँ ।जो हुमलोग करते है बस वही होता है ।डिपार्टमेंट से कोई बढ़ावा नही है पर अब फिर भी शुरू हो गया है और सीट्स काफी छोटी है इनको बदलने के बारे में सोचे ।
अपने सेहपाठियो में किसी के बारे में कुछ कहना चाहती है ऐसे जो आपके दोस्त न हो ?
वैसे तो में सबको जानती नही हु पर जितनो को जानती हु वो सब अच्छे है असल में छः महिने में किसी के बारे में कोई राय कैसे बनाऊ? हाँ अंजलि ,वैशाली,सौम्य,और अर्पित से मेरी अच्छी बनती है।
ज़िन्दगी से क्या उमीदे है ?
अच्छी जॉब और सफल करियर
फैमिली ज़्यादा ज़रूरी है या करियर ?
फैमिली , प्राइड,करियर,मनी ये मेरी ज़िन्दगी में पहले से आखरी विशेषताए है ।मेरी फैमिली मुझे बहुत सपोर्ट करती है । आखिर ये कैरियर फैमिली के लिए ही तो है।
शोहरत के क्या मायने है आपकी ज़िन्दगी में?
ज़रूरी है शोहरत पर स्ट्रगल भी होता है तो एहमियत तो है पर ज़्यादा नही ।
अभी तक ज़िन्दगी में किसी ख़ास से कोई मुलाक़ात?
(हस्ते हुए) ये सवाल किस दिशा का है
(थोडा मुस्कुराकर) जी नही अअभी तक नही पर मुझे इस मुलाक़ात का इंतज़ार रहेगा ।
किसी से कोई नाराज़गी ज़िन्दगी में?
नहीं कोई नही मेरा मानना है की ज़िन्दगी में बुरी चीज़े होती है तो अच्छी भी होती है और में अच्छे पे ध्यान देती हु बुरे पे नही ।
न्यूज़ पेपर पढ़ती है आप ?
हाँ बहुत ....में पहला ,आखरी पेज ज़रूर पड़ती हु इसके अलावा सिटी,एडिटोरियल,और इंटरनेशनल बहुत शौक से पढ़ती हु ।
अपने आदर्श के बारे में बताए?
मेरे पापा और राइटिंग में तसनीम नसरीन इनकी 'लज्जा' पढ़ी है मैंने और वैसे मैंने चेतन भगत के 2 स्टेट्स पढ़ी है ।
अगर किस्मत ने आपको विदेश पंहुचा दिया तो जाएंगी?
हाँ ख़ुशी-ख़ुशी अपने नाम की तरह ।
स्पोर्ट्स में कोई इंटरेस्ट ?
हाँ क्रिकेट में जब इंडिया खेलती है तो मेरा ध्यान सिर्फ टी.वि में होता है ।
पॉलिटिक्स के बारे में आपके क्या विचार है ?
"आई हेट पॉलिटिक्स" कहने को यो ये नेता हमारे सेवक है पर ये 'डिवाइड न रूल' करते है । हमे अलग करते है । इसलिए मुझे नफरत है इनसे ।
अभी हाल ही में बनी केंद्र सरकार से खुश है आप?
बिलकुल नही ! आठ माह हो गए पर पर कुछ नही किया है सिवाए देखावे के।
अपने देश में ऐसे क्या खासियत है जो दुनिया के और देशो में नही है?
यहाँ बहुत सारे रंग है ,रौशनी है , ये उत्सवो का देश है यहाँ कोई दिन खाली नही है ।बस रूढ़िवादी सोच और नौकरशाही को अलग रखे तो सबसे अच्छा है अपना देश।
वरदान मिलने पर ज़िन्दगी में क्या बदलना पसंद करेंगी ?
मेरी ज़िन्दगी सही जा रही है बस इस देश की पॉलिटिक्स जरूर बदल दूंगी।
कल को अगर आपकी कारपोरेशन में कुछ गलत हो रहा हो तो क्या आप उनके खिलाफ जाएंगी?
जी बिलकुल जाउंगी ।
बचपन से आज तक कितने नामो से जानी गई है आप ?
मेरे वैसे तो बहुत नाम रहे है । प्यार से लोग मेरे कई नाम रख चुके है। पर फिलहाल तीन है कुसुम, ख़ुशी और कुक्कु(ये मेरे दोस्तों ने रखा है)
आपका घर कहा है ?
सोनभद्र
लखनऊ में दीदी-जीजा जी रहते है पर में पि.जी में रहती हु।
लखनऊ के बारे में आपका क्या ख़याल है?
ये काफी शांतिपूर्ण जगह है पर मेरे घर सोनभद्र जितना नही यहाँ का खाना मुझे पसंद है । मेंने टुंडे के कवाब खाए है और मुझे पसंद भी आए है ।
आपकी सेहत का राज़ क्या है?
में फूडी हु । इससे ज़्यादा और कुछ नही ।
खाना बनाने में आपकी कोई खासियत?
हाँ बिलकुल लोग कहते है "आई एम आ गुड कूक"
मास कॉम्युनिकेशन जैसे कोर्स का चुनाव क्यों किया ?
स्क्रिप्ट राइटिंग एक कारण है ।पहले में रोज़ डायरी लिखती थी अपनी दिनचर्या पर अब टाइम नही मिलता है तो जो भी बात दिमाग में आती है उसे अपने दिन का पंद्रह मिनट दे देती हु । अब ज़्यादातर कविताए लिखती हु । इसके इलावा अब advertisement और पि.आर की फील्ड भी अच्छी लग रही है।
अभी आपने स्वाइन-फ्लू पे नुक्कड़ नाटक किया था ,इससे पहले आपने कोई प्ले किया है या कोई रुझान रहा है?
रुझान पहले से नहीं है पर अब धीरे-धीरे आ रहा है । स्कूल के समय मैंने आशाए( ओटिस्टिक्स) पे प्ले किया था और साक्षर में (डब्बा ब्रेन) पर भी कर चुकी हु।
लखनऊ विश्वविद्यालय से डिग्री लेने का निर्णय सही लगता है या गलत ?
मास कॉम्युनिकेशन में आपके अन्दर टैलेंट ज़रूरी होता है डिग्री नही । किसी भी बड़े कॉलेज से मास कॉम का कोई फायदा नही अगर टैलेंट नही है ।
इस बदनाम यूनिवर्सिटी के किस्से सुनने के बावजूद यहाँ आने का होसला कैसे आया?
ज़िन्दगी में मैंने कभी कही सुनी बातो पे भरोसा नही किया ....खुद समझा और फैसला किया
मास कॉम्युनिकेशन डिपार्टमेंट से कोई शिकायत ?
प्रक्टिकल कम होते है यहाँ ।जो हुमलोग करते है बस वही होता है ।डिपार्टमेंट से कोई बढ़ावा नही है पर अब फिर भी शुरू हो गया है और सीट्स काफी छोटी है इनको बदलने के बारे में सोचे ।
अपने सेहपाठियो में किसी के बारे में कुछ कहना चाहती है ऐसे जो आपके दोस्त न हो ?
वैसे तो में सबको जानती नही हु पर जितनो को जानती हु वो सब अच्छे है असल में छः महिने में किसी के बारे में कोई राय कैसे बनाऊ? हाँ अंजलि ,वैशाली,सौम्य,और अर्पित से मेरी अच्छी बनती है।
ज़िन्दगी से क्या उमीदे है ?
अच्छी जॉब और सफल करियर
फैमिली ज़्यादा ज़रूरी है या करियर ?
फैमिली , प्राइड,करियर,मनी ये मेरी ज़िन्दगी में पहले से आखरी विशेषताए है ।मेरी फैमिली मुझे बहुत सपोर्ट करती है । आखिर ये कैरियर फैमिली के लिए ही तो है।
शोहरत के क्या मायने है आपकी ज़िन्दगी में?
ज़रूरी है शोहरत पर स्ट्रगल भी होता है तो एहमियत तो है पर ज़्यादा नही ।
अभी तक ज़िन्दगी में किसी ख़ास से कोई मुलाक़ात?
(हस्ते हुए) ये सवाल किस दिशा का है
(थोडा मुस्कुराकर) जी नही अअभी तक नही पर मुझे इस मुलाक़ात का इंतज़ार रहेगा ।
किसी से कोई नाराज़गी ज़िन्दगी में?
नहीं कोई नही मेरा मानना है की ज़िन्दगी में बुरी चीज़े होती है तो अच्छी भी होती है और में अच्छे पे ध्यान देती हु बुरे पे नही ।
न्यूज़ पेपर पढ़ती है आप ?
हाँ बहुत ....में पहला ,आखरी पेज ज़रूर पड़ती हु इसके अलावा सिटी,एडिटोरियल,और इंटरनेशनल बहुत शौक से पढ़ती हु ।
अपने आदर्श के बारे में बताए?
मेरे पापा और राइटिंग में तसनीम नसरीन इनकी 'लज्जा' पढ़ी है मैंने और वैसे मैंने चेतन भगत के 2 स्टेट्स पढ़ी है ।
अगर किस्मत ने आपको विदेश पंहुचा दिया तो जाएंगी?
हाँ ख़ुशी-ख़ुशी अपने नाम की तरह ।
स्पोर्ट्स में कोई इंटरेस्ट ?
हाँ क्रिकेट में जब इंडिया खेलती है तो मेरा ध्यान सिर्फ टी.वि में होता है ।
पॉलिटिक्स के बारे में आपके क्या विचार है ?
"आई हेट पॉलिटिक्स" कहने को यो ये नेता हमारे सेवक है पर ये 'डिवाइड न रूल' करते है । हमे अलग करते है । इसलिए मुझे नफरत है इनसे ।
अभी हाल ही में बनी केंद्र सरकार से खुश है आप?
बिलकुल नही ! आठ माह हो गए पर पर कुछ नही किया है सिवाए देखावे के।
अपने देश में ऐसे क्या खासियत है जो दुनिया के और देशो में नही है?
यहाँ बहुत सारे रंग है ,रौशनी है , ये उत्सवो का देश है यहाँ कोई दिन खाली नही है ।बस रूढ़िवादी सोच और नौकरशाही को अलग रखे तो सबसे अच्छा है अपना देश।
वरदान मिलने पर ज़िन्दगी में क्या बदलना पसंद करेंगी ?
मेरी ज़िन्दगी सही जा रही है बस इस देश की पॉलिटिक्स जरूर बदल दूंगी।
कल को अगर आपकी कारपोरेशन में कुछ गलत हो रहा हो तो क्या आप उनके खिलाफ जाएंगी?
जी बिलकुल जाउंगी ।

Excellent effort
ReplyDeleteThank you Rajsi... Good attempt..
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